अस्कोट पालवंश के पुरोहित
अस्कोट पालवंश के पुरोहित
[गोत्र/नाम अस्पष्ट] के मैथिल ब्राह्मण थे। कात्यूरी राजवंश के कुलगुरु यही थे। अस्कोट पाल वंश के गुरु यही थे। गोपीचन्द्र ने राजाराज्यपाल का वध किया। [राज्यपाल के उत्तराधिकारी/अन्य शब्द अस्पष्ट] ने भीम अवस्थी को पुरोहित और [अस्पष्ट] को ग्रामपति नियुक्त बनाया। [अन्तिम वाक्यका केही शब्द अस्पष्ट छन्।]
भारद्वाज गोत्र के अवस्थी ब्राह्मण
अवस्थी ब्राह्मण अस्कोट राजाओं के पुरोहित हैं। अर्कोट के अवस्थियों का मूल पुरुष [नाम अस्पष्ट] अवस्थी अपने पुत्र जगन्नाथ को लेकर नेपाल में अर्कोट आया। पाल राजा ने विजयग्राम देकर बसाया। भीम अवस्थी को [स्थान अस्पष्ट] में पुरोहित बनाया। भीम के पौत्र रसेदेव को पाल राजा ने नरता ग्राम दिया। रसेदेव के प्रपौत्र भवानी और भार्गव प्रसिद्ध विद्वान हुए।
पं. भार्गव अवस्थी ने मेघदूत काव्य की टीका बनाई है। [अगाडिको नाम अस्पष्ट] के पुत्र भानुदेव, ब्राह्मण वंशज थे। [अस्पष्ट] अवस्थी अमरपाल राजा के साथ डोटी-युद्ध में गया। डोटी वालों ने मार डाला।
पं. [नाम अस्पष्ट] अवस्थी प्रसिद्ध ज्योतिषी थे। उनका पुत्र पुरुषोत्तम अवस्थी भी अच्छा ज्योतिषी हुआ। पुरुषोत्तम अवस्थी का पुत्र पं. [नाम अस्पष्ट] अवस्थी अच्छा पौराणिक था। भानुदेव अवस्थी का पुत्र पं. [नाम अस्पष्ट] अवस्थी अच्छा विद्वान है। साभार दिलीप कुमार मल्ल नेपाल

टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें