नागवंशी क्षत्रिय कोलिय कुल की उत्तपत्ति
[नागवंशी क्षत्रिय कोलिय कुल की उत्तपत्ति] नागवंशी क्षत्रिय कोलिय कुल की उत्तपत्ति के प्रथम प्रमाण "पृथ्वी विजयते श्री मान्धाता भगवान" के समय/त्रेतायुग से मिलते हैं। श्री मान्धाता कोलिय कुल के मूल पुरुष है। श्री मान्धाता का जन्म त्रेतायुग मै सूर्यवंश के इक्ष्वाकु कुल मै हुआ। त्रेतायुग में इसी कुल की शाखा रघुकुल की 25वी पीढ़ी में भगवान श्री राम और कलयुग में इसी कुल की शाखा कोलिय/शाक्य कुल मै भगवान श्री गौतम बुद्ध का जन्म हुआ। [ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ, रुद्रप्रयाग , उत्तराखंड] ओंकारेश्वर मंदिर का एक नाम मान्धाता भी है। यद्यपि आज यह नाम प्रचलित नहीं है किन्तु आज भी भगवान श्री केदारनाथ की बहियों का प्रारम्भ जय श्री मान्धाता से ही होता है। ओंकारेश्वर मंदिर में, भगवान ओंकारेश्वर के साथ भगवान मान्धाता की मूर्ति भी आदिकाल से विराजमान है। ओंकारेश्वर मंदिर जिस पर्वत पर स्थित है, उस पर्वत को मांधाता पर्वत के नाम से जाना जाता है। सर्दियों के दौरान, केदारनाथ मंदिर से मूर्तियों को ओंकारेश्वर/उखीमठ लाया जाता है और भगवान केदारनाथ की शीतकालीन पूजा और भगवान ओंकारेश्वर की साल भर की पूजा भगवान श...