चित्रशिला :- रानी बाग में राजमाता जिया रानी का जो गुफा है उसका सुंदरीकरण का निर्माण कार्य चल रहा है मानस खंड में गोला नदी का महत्व गंगा नदी के समान है मकर संक्रांति के दिन यहां पर गंगा स्नान करना बहुत पुण्य कार्य माना जाता है रानी बाग को जय जिया रानी पड़ाव नाम से भी जाना जाता है (जैजिया ठाऊ) शिव मन्दिर से कुछ ही ऊपर एक छोटी सी गुफा है। कुमाऊँ का इतिहास में श्री बदरी दत्त जी लिखते है रानीबाग में कत्यूरी राजा धामदेव की माता जिया रानी का बाग था। कहते है यहाँ गुफा में जिया रानी ने तपस्या की थी। कत्यूरियों का यह पवित्र तीर्थ है। जिया रानी पृथ्वी पाल की पत्नी थी स्कन्दपुराण मुख्य रूप से भूगोल का वर्णन करता है और उसका मानस खण्ड हिमालय के इसी अंचल का वर्णन करता है- जो नेपाल के पश्चिम, केदार खण्ड (गढ़वाल) से पूर्व तथ कैलाश के दक्षिण में है। स्पष्ट है कि मानस खण्ड का वर्ण्य- वर्तमान कूर्माचल या कुमायूं प्रदेश ही है। और कुमायूं प्रेदेश ही है। और कुमायूं में कोई अन्य गार्गी, पुष्पभद्रा, चित्रशिला, चित्रन्हद भद्रवट तथा मार्कण्डेयाश्राम नहीं हैं। अतः पुराणों को पुष्पभद्र, गार्गी चित्रशिला,...
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