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ओडिशा राजा ओद् ने बसाया व अपने नाम पर ओड्वंश

 ओड़िशा का इतिहास प्राचीन इतिहास ओडिशा राजा ओद् ने बसाया व अपने नाम पर ओड्वंश च्लाया जौ भागीरथवंश थे २६१ ई. पू. ओडिशा का धुंधला भूत बौद्ध कलिंग पर अशोक महान की चढ़ाई बताता है। अशोक मगध का शक्तिशाली सम्राट था। दस लाख से अधिक लोग मारे गये, पंद्रह लाख से अधिक बंदी हुए और इतने ही लोग युद्ध के बाद में मृत्यु को प्राप्त हुए। इस महान हत्या काण्ड ने अशोक को ऐसा विचलित किया, कि उसने भविष्य में कदापि कोई युद्ध ना करने का निर्णय लिया। उसने अहिंसा की राह पर चलना आरम्भ किया, एवं बौद्ध धर्म अपनाया। बौद्ध धर्म उसके राज्य में बहुत फैला और राज्य भर में फैल गया। २३२ ई. पू. अशोक की मृत्यु। मौर्य वंश १८५ ई.पू. तक चला। प्रथम शताब्दी ई. पू. कलिंग मौर्य शासन से निकल गया। वहां चेदि वंश के प्रथम राजा महामेघवाहन ने आरम्भिक प्रथम शताब्दी में राज्य किया। ४९ ई. पू. तृतीय चेदी राजा खारवेल आसीन हुआ और उसने अत्यधिक सैन्य गतिविधियां आरम्भ कीं। उसकी शक्ति की महानता भारत के पूर्व से पश्चिमी छोर तक फैली। उत्तर में मथुरा से दक्षिण]] में पांड्या वंश के राज तक। उसके राज्य में बौद्ध धर्म ओर  जैन धर्म फला-फूला। द्वित...