#अयोध्या राममंदिर निर्माण के समय ख़ुदाई के पश्चात मिले गहड़वाल कालीन प्राचीन अवशेष ||
श्री रामचंद्र जी के वंशज राष्ट्रकूटवंश की शाखा गहड़वाल वंश के समस्त सम्राटों का अयोध्या, मथुरा व काशी से विशेष लगाव रहा || गहड़वाल वंश के प्रतापी सम्राट महाराजा चंद्रदेव, महाराजा मदनपाल, महाराजा गोविंद्रचंद्र गहड़वाल, महाराजा विजयचंद्र व महाराजा जयचंद्र जी ने अयोध्या का चतुर्दिक विकास किया था || महाराजा जयचंद्र जी के पिता महाराजा विजयचंद्र जी ने अयोध्या राम मंदिर का जीर्णोद्धार करवाया था,जिसे अन्ततः महाराजा जयचंद्र जी ने पुर्ण किया था ||
गहड़वाल के प्रतापी नरेशों ने अयोध्या, मथुरा ,काशी, प्रयाग सहित अन्य स्थलों मे हजारो तीर्थ स्थलों का निर्माण करवाया था !! गहड़वाल वंश के प्रतापी नरेशों के शौर्य और प्रताप का अनुमान आप इससे लगा सकते है कि,जब तक कन्नौज व काशी पर गहड़वाल वंश का शासक था कोई भी बाहरी आक्रांता अयोध्या,मथुरा या काशी मे पैर भी नही रख पाया || जिस आक्रांता ने इन तीर्थस्थानों की तरफ नजर भी उठाया गहड़वाल वंशी नरेशों ने उसका विनाश कर दिया ,धर्म की राष्ट्र की रक्षा के लिए उन्होने खून की नदियाँ बहा दिया ||
सम्राट जयचंद्र जी इस भारत वर्ष के अंतिम हिन्दु सम्राट थे|| जब तक कन्नौज व काशी पर महाराजा जयचंद्र जी का शासन रहा, तब तक अयोध्या मथुरा व काशी जैसे तीर्थस्थानों की अस्मिता अक्षुण्ण बनी रही | महाराजा जयचंद्र जी के वीरगति को प्राप्त होते ही भारत वर्ष के हिन्दु साम्राज्य का सुर्य अस्त हो गया || महाराजा जयचंद्र जी के मृत्यु के बाद अयोध्या, मथुरा,काशी के साथ-साथ संपूर्ण भारत वर्ष धर्मध्वज विधर्मियों के हाथ मे चला गया और अयोध्या, मथुरा व काशी के साथ -साथ भारत वर्ष के अनेक तीर्थस्थानों मे अनेक मंदिर तोड़े गये, लूटपाट किए गये ||
जय श्री राम 🙏🚩
कोटिशः नमन् सनातन प्रहरी क्षत्रिय योध्दायों को 🙏
#अयोध्या #ayodhya #ayodhyarammandir #shriram #Ram #rammandir
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें